नारायण बलि पूजा मनुष्य की अपूर्ण इच्छाओं और अपूर्ण कामनाओं की पूर्ति के लिये की जाती है। नारायण बलि ऐसा विधान है, जिसमें अज्ञात/लापता व्यक्ति को मृत मानकर उसका उसी ढंग से क्रियाकर्म किया जाता है, जैसे किसी की मौत होने पर। इस प्रक्रिया में कुश घास से प्रतीकात्मक शव बनाते हैं और उसका वास्तविक शव की तरह ही दाह-संस्कार किया जाता है।
आप अपनी ईच्छा अनुसार नारायण-बलि पूजा निम्नलिखित स्थान में से जहाँ चाहे वहाँ करवा सकते हैं, हम आपको नारायण-बलि पूजा की सुविधा इन दोनों स्थानों पर प्रदान करते हैं।
त्रयंबकेश्वर
हरिद्वार



