संतान प्राप्ति के लिए-online

हरिवंश पुराण/ सनातन पुराण – संतान प्राप्ति के लिए

इस पुराण में भगवान् विष्णु का कृष्ण के रूप में जन्म बताया गया है। जिसमें कंस का देवकी के पुत्रों का वध से लेकर कृष्ण के जन्म लेने तक की कथा है। फिर भगवान् कृष्ण की ब्रज-यात्रा के बारे में बताया है जिसमें कृष्ण की बाल’-लीलाओं का वर्णन है। इसमें धेनकासुर वध, गोवर्धन उत्सव का वर्णन किया गया है। Read More

Price : Rs 1,72,200

कहते हैं कि अखण्ड रामायण पाठ गोस्वामीजी के समय में ही होने लगा था । जो कि अब भी कहीं न कहीं होता ही रहता है। 

यह पाठ कुछ लोग पुण्य लाभ के लिए तो कुछ कुशल-मंगल अथवा अन्य किसी कामना की सिद्धि के लिए करते हैं । अखण्ड रामायण पाठ के अलावा कई भक्त प्रतिदिन नियम से पाठ करते हैं।

 
 
 
 

 

  •  रामायण के पाठ से सभी पापों का अंत होता है।

  • रामकथा कलियुग रूपी सांप के लिए मोरनी के समान है। कलियुग में आप जितना राम का नाम लेंगे, जीवन आपका उतना ही सरल होगा। क्योंकि मोक्ष का केवल एक ही नाम है और वो है केवल राम। अर्थात इस कथा से ज्ञान की प्राप्ति होती है।

  • रामकथा कलियुग में सब मनोरथों को पूर्ण करने वाली कामधेनु गौ के समान है और सज्जनों के लिए सुंदर संजीवनी जड़ी बूटी है। जिस-जिस घर में हर रोज रामयण का पाठ होता है, उस घर में लक्ष्मी सदैव निवास करती है और सुख-शांति बनी रहती है। रामयण का पाठ करने से आपके सभी कार्य पूर्ण होते हैं।

  • रामयण का पाठ पृथ्वी पर अमृत की नदी के समान हैं। यह जन्म-मरण . रूपी भय का नाश करने वाली और भ्रमरूपी मेढ़कों को खाने के लिए . सर्पिणी है। रामयण का पाठ करने से हम संसार रूपी भवसागर से पार पा लेते हैं और कलियुग में राम का नाम ही सर्वोपरि है।

  • रामयण का पाठ पढ़कर सभी तरह के कष्ट और पाप से मुक्ति मिलती है

  • रामायण का पाठ करने से मुक्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

 
 
 

भूमि दान

 

  • भूमि दान करने से उत्तम घर की प्राप्ति होती है।

तिल दान

  • कुंडली में शनि खराब अवस्था में हों या शनि की साढ़ेसाती या ढय्या चल रही हो तो किसी पवित्र नदी में हर शनिवार काले तिल प्रवाहित करें। इस उपाय से शनि के दोषों की शांति होती है।

  • तिल- जिस भी मनुष्य को संतान प्राप्ति की इच्छा हो, उसे तिल का दान करना चाहिए।

  • दुर्भाग्य दूर करता है काले तिल का दान और घर में खुशहाली लाता है।

 

स्वर्ण (सोना) दान

  • लंबी उम्र की इच्छा रखने वाले को सोने का दान देना चाहिए।

घी दान

  • हमेशा धन-सपंत्ति बनाए रखने के लिए घी का दान किया जाना चाहिए।

वस्त्र दान

  • चन्द्रलोक की प्राप्ति के लिए वस्त्रों का दान किया जाना चाहिए।

धन दान

  • धन दान करने से विभिन्न लाभ मिलते हैं, जो कि उसपर निर्भर करता कि आपने किस उदेश्य के लिए धन दान किया है।

गुड़ दान

  • धन-धान्य की प्राप्ति के लिए गुड़ का दान करना चाहिए।

चांदी दान

  • अच्छे रूप और सौंदर्य के लिए चांदी दान किया जाता है।

नमक दान

  • नमक का दान करने से दान करने वाले को कभी अन्न की कमी नहीं होती है।

आप दस महादान एक साथ भी कर सकते हैं, और आप अलग-अलग (एक-एक कर के अपनी जरूरतों एंव इच्छाओं के अनुसार) भी कर सकते हैं।

आप जैसे चाहें वैसे दान-पूजा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिये आप हमसे फोन/ईमेल/चैट आदि के द्वारा सम्पर्क कर सकते हैं।

 
 
 
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अखंड रामायण कथा पाठ-पूजा प्रक्रिया विवरण :-

  • पूजा के लिये दिनों की कुल संख्या : 30 no.

  • पूजा के लिये पंडितों की कुल संख्या : 5 no.

 
 

चैरिटी : Rs. 4,80,100 + मंच लागत + सजावट

  • पूजा के लिये समस्त पूजन सामग्री : Rs. 5100 (प्रथम दिन) + 500/पंडित/दिन

  • पूजा के लिये प्रत्येक पंडित को दक्षिणा : Rs. 1100/पंडित/दिन

  • व्यास/ कथा वाचक को दक्षिणा : Rs. 3000/दिन

  •  पूजा के लिये एक दिन का यज्ञशाला/हॉल/टेंट : Rs. 1100/दिन (Optional)                                             के लिये दान

  • पाठ के लिये मूर्ति स्थापना एवं मंच निर्माण : Rs. 500 से Rs. 11000 /दिन (Optional)

  • पाठ के लिये सजावट : Rs. 500 से Rs. 11000 /दिन (Optional)

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