यज्ञ
यज्ञ, योग की विधि है जो परमात्मा द्वारा ही हृदय में सम्पन्न होती है। जीव के अपने सत्य परिचय जो परमात्मा का अभिन्न ज्ञान और अनुभव है, यज्ञ की पूर्णता है। यह शुद्ध होने की क्रिया है। इसका संबंध अग्नि से प्रतीक रूप में किया जाता है।
सनातन धर्म में विभिन्न ईच्छा प्राप्ति के लिए विभिन्न प्रकार के यज्ञों का उल्लेख है, जिससे मनुष्य अपनी इच्छा अनुसार यज्ञ करके मनवांछित फल पा सकता है।







