सामान्य श्राद्ध – पूजा

सामान्य श्राद्ध – पूजा

श्राद्ध सनातन/हिन्दू धर्म में किया जाने वाला एक कर्म है जो पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता अभिव्यक्त करने तथा उन्हें याद करने के निमित्त किया जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि जिन पूर्वजों के कारण हम आज अस्तित्व में हैं, जिनसे गुण व कौशल, आदि हमें विरासत में मिलें हैं, उनका हम पर न चुकाये जा सकने वाला ऋण हैं। वे हमारे पूर्वज पूजनीय हैं।

Price :Rs 4,300

मान्यता के अनुसार अपने पितरों की स्मति में श्रद्धापूर्वक किया गया दान आदि कर्म ही श्राद्ध है। कई जानकारों के अनुसार अपने पूर्वजों की स्मति में दान, भोजन दान के अलावा पेड़ लगाना किसी असहाय की सहायता करना, रोगी की आर्थिक या शारीरिक सहायता करना, पुस्तक, वस्लदान करना भी श्राद्ध के अंतर्गत ही आता है।

माना जाता है कि हर मास की अमावस्या पितरों की दोपहर होती है। दोपहर में हीं भोजन किये जाने का नियम होने से हर अमावस्या को पितरों की तिथि मानकर अन्र आदि का दान करने का नियम है।

किसी मंगल कार्य के अवसर, ग्रहण काल, पूर्वजों की मुत्य तिथि पर, तीर्थयात्रा में भी श्राद्ध करना कल्याण कारक होता है। सूर्य के कन्या राशि में रहने के दौरान कन्या-गत या कनागत मानने का नियम है।

सामन्य श्राद्ध निम्नलिखित तरीके से होता है :-

यह सेवा सिर्फ “धर्मनगरी-हरिद्वार” में उपलब्ध है।

श्राद्ध-पूजा प्रक्रिया विवरण :-

चैरिटी : Rs. 4,300/Couple/Head

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