








जूना अखाड़ा सनातन धर्म की सबसे बड़ी एंव प्राचीन संस्था है, जिसको ख़ुद आदी शंकराचार्य जगतगुरु (साक्षात भगवान शिव का रूप) ने धर्म की रक्षा के लिए स्थापित किया था। जो कि निरंतर इस कार्य का विभिन्न तरीकों से पालन करती आ रही है।
यह वेबसाइट www.sanatandharmkarm.com धार्मिक ट्रस्ट “उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट”,हरिद्वार द्वारा संचालित है।
जूना अखाड़ा के कुछ साधु-संतो ने इस आधुनिक युग में अखाडे के उद्येश्यों को आधुनिकीकरण के सहयोग से पूरा करने के लिए, श्री महंत कोठारी मनोहर पुरी जी जूना अखाड़ा, हरिद्वार के नेतृत्व में, विश्व में नर-नारी का सबसे बड़ा सर्वमान्य शक्ति स्वरूप उमा-महेश्वर के नाम से, उमा-महेश्वर सेवा ट्रस्ट का निर्माण किया। जो वर्षो से धर्म रक्षा एंव धर्म प्रचार प्रसार के कार्य में निरंतर कार्यरत है।
जो वर्षो से धर्म प्रचार प्रसार के कार्य में निरंतर कार्यरत है।
जिसका सबसे बड़ा एक मात्र लक्ष्य सनातन धर्म रक्षा एंव प्रचार-प्रसार है।
उमा महेश्वर सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य अधिक से अधिक संख्या में हिन्दू एंव अन्य धर्मों के लोगों को सनातन धर्म से जोड़े रखना है।
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हम सनातनियों कि आस्था का आधार है -"वेद"
जहाँ वेदों की वाणी गूँजती है, वहाँ से आरंभ होता है धर्म, भक्ति और शाश्वत ज्ञान। वेद बताते हैं :- धर्म-यज्ञ से समृद्धि, सेवा से पवित्रता, दान से पुण्य और पूजा से प्रभु की प्राप्ति होती है।
- पूजा
- दान
- सेवा
- धर्म-यज्ञ
- ध्यान
- तीर्थयात्रा